जल्दबाज़ी और डर खतरे के निशान हैं
- नकली ईमेल लिखते हैं "24 घंटे में", "खाता बंद", "पेमेंट फ़ेल" या "कानूनी कार्रवाई" ताकि आप जल्दी कुछ कर बैठें।
- असली कंपनियाँ समय देती हैं और धमकी नहीं देतीं।
- जब जल्दबाज़ी लगे, रुकिए। असली ऐप या वेबसाइट खुद खोलकर वहाँ देखिए।
याद रखिएजल्दबाज़ी लग रही है? रुकिए।